दिल्ली :- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन (सी.पी. राधाकृष्णन) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद किया बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके नाम का एलान किया है।
मूल रूप से तमिलनाडु से आने वाले राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल हैं। इससे पहले वे लगभग डेढ़ वर्ष तक झारखंड के राज्यपाल रहे। झारखंड के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला था।
शिक्षा और राजनीतिक जीवन की शुरुआत
20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की है। सिर्फ 16 साल की उम्र वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। 1974 में भारतीय जनसंघ के राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने थे।
1996 में उन्हें BJP का तमिलनाडु सचिव नियुक्त किया गया। 2004 से 2007 तक राधाकृष्णन ने BJP तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा वे 1998 में वे पहली बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए और 1999 में फिर से लोकसभा पहुँचे थे।
राधाकृष्णन ने तमिलनाडु बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए 19,000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ निकाली जो 93 दिनों तक चली थी। इस यात्रा का उद्देश्य नदियों को जोड़ना, आतंकवाद खत्म करना, समान नागरिक संहिता लागू करना, अस्पृश्यता मिटाना और मादक पदार्थों की समस्या से निपटना था। इसके अलावा राधाकृष्णन ने अलग-अलग मुद्दों पर दो पदयात्राएँ भी निकालीं थीं।
सांसद रहते हुए उन्होंने वस्त्र मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। साथ ही, वे शेयर बाजार घोटाले की जांच करने वाली संसदीय विशेष समिति के सदस्य भी थे। 2004 में वे संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने गए थे।
18 फरवरी 2023 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया। पद सँभालने के शुरुआती चार महीनों में ही उन्होंने झारखंड के सभी 24 जिलों का दौरा किया और नागरिकों व जिला अधिकारियों से सीधे संवाद किया।
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान
उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। यदि विपक्ष भी अपने उम्मीदवार की घोषणा करता है तो चुनाव 9 सितंबर को आयोजित होगा। एनडीए को निर्वाचक मंडल में पूर्ण बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य शामिल हैं। ऐसे में मुकाबले की स्थिति में सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों के चलते इस्तीफा देने के बाद यह पद खाली हुआ है।