रीवा, मध्यप्रदेश – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) में देश के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने रीवा को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प जताया और उद्योगपतियों को राज्य सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।(Rewa industrial Conclave)
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ बनाई गई हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस बैठक में डालमिया सीमेंट, सिद्धार्थ इंफ्राटेक, बीपीसीएल, रामा ग्रुप, स्टार ग्रुप समेत अन्य प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों ने अपनी परियोजनाओं की जानकारी दी।(Rewa industrial Conclave)
डालमिया सीमेंट के एमडी श्री पुनीत डालमिया ने सीमेंट प्लांट और माइनिंग प्रोजेक्ट के बारे में बताया, वहीं बीपीसीएल के सीजीएम श्री कपिल राजोरिया ने सिंगरौली में पेट्रोलियम स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन डिपो बनाने की योजना प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों की सभी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें सरकार की तरफ से भूमि आवंटन, पूंजीगत सहायता, और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस का भरोसा दिलाया।
खाद्य प्र-संस्करण और नवकरणीय ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने खाद्य प्र-संस्करण और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहित किया। मेहरोत्रा बिल्डकॉन के श्री अतुल मेहरोत्रा ने खाद्य प्र-संस्करण उद्योग में निवेश की योजना साझा की, जबकि स्टार ग्रुप के चेयरमैन श्री रमेश सिंह ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए बायोगैस प्लांट की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को प्रदेश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विन्ध्य क्षेत्र का विकास होगा।








