रायपुर :- कलिंगा विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के भौतिकी विभाग एवं रसायन शास्त्र विभाग द्वारा 27 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक भारत सरकार की एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (ATAL) अकादमी के तहत “नैलोटेक्नोलॉजी – ड्राइविंग ब्रेकथ्रू इनोवेशन फॉर सोसाइटल एडवांसमेंट” विषय पर छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। “एडवांस्ड मैटेरियल्स, रेयर अर्थ्स एंड क्रिटिकल मिनरल्स” के मुख्य विषय के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के 19 संस्थानों से 45 संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ 27 जुलाई को उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसमें माननीय कुलपति डॉ. आर. श्रीधर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर आईक्यूएसी की निदेशक डॉ. विजयालक्ष्मी बिरादर, उप-डीएए एवं प्रभारी अधिष्ठाता विज्ञान डॉ. बेंदी अंजनेयुलु सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और कार्यक्रम समन्वयक उपस्थित थे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और उभरती हुई वैज्ञानिक व सामाजिक चुनौतियों के समाधान में नैनोटेक्नोलॉजी के महत्व पर प्रकाश डाला।

 

छह दिनों के दौरान, एफडीपी में प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के 8 प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा 10 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में नैनोटेक्नोलॉजी के अत्याधुनिक विकास, जैसे: एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स, रेयर-अर्थ डोप्ड नैनोफॉस्फोर्स, नैनोकणों का ग्रीन सिंथेसिस (हरित संश्लेषण), ट्रांसलेशनल नैनोटेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल नैनोकोटिंग्स तथा स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यावरणीय स्थिरता में इनके अनुप्रयोगों को शामिल किया गया। सैद्धांतिक सत्रों के साथ-साथ प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और औद्योगिक भ्रमण भी कराया गया, जिससे उन्हें नैनोटेक्नोलॉजी की उन्नत तकनीकों और वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोगों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण माननीय कुलपति डॉ. आर. श्रीधर के साथ प्रेरक संवाद रहा, जिसमें उन्होंने प्रतिभागियों को अंतःविषय अनुसंधान करने, नवाचार को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक उत्कृष्टता व तकनीकी प्रगति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

 

एफडीपी का समापन समापन सत्र के साथ हुआ, जिसमें कुलपति और कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के सफल समापन पर बधाई दी तथा आयोजक समिति एवं संसाधन व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।

धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बेंदी अंजनेयुलु, उप-डीएए एवं प्रभारी अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बहुमूल्य सहयोग और योगदान के लिए एआईसीटीई अटल अकादमी, विषय विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, विश्वविद्यालय प्रशासन और आयोजन टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

 

इस एफडीपी का सफल आयोजन शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग और विज्ञान व प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के प्रति कलिंगा विश्वविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।