छत्तीसगढ़ :- छत्तीसगढ़। भारत की पांचवीं सबसे बड़ी निजी ताप विद्युत उत्पादक कंपनी वेदांता पावर लिमिटेड ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ करने की अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, घरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उत्पादन क्षमता में दीर्घकालिक निवेश के माध्यम से कंपनी देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का विस्तार कर रही है।

 

वेदांता पावर की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 4.78 गीगावॉट है जिसमें से 4.18 गीगावॉट की इकाइयां प्रचालन में है जबकि 0.6 गीगावॉट क्षमता प्रचालन में लाए जाने की प्रक्रिया में है। पंजाब, आंध्रप्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कंपनी की ताप विद्युत इकाइयां मौजूद हैं। कंपनी की लगभग 74 प्रतिशत क्षमता दीर्घ और मध्यम अवधि के बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) से जुड़ी है जबकि इसकी प्रचालन क्षमता का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा घरेलू कोयला आपूर्ति से संबद्ध है। यह व्यवस्था ईंधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और संयंत्रों का निरंतर प्रचालन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

वेदांता पावर की दीर्घकालिक रणनीति का प्रमुख आधार ईंधन सुरक्षा है। कंपनी के प्रचालन पोर्टफोलियो का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा कोल इंडिया की सहायक कंपनियों – महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के साथ दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति समझौतों से जुड़ा है। पंजाब स्थित तलवंडी साबो ताप विद्युत संयंत्र को एसईसीएल और एनसीएल से अपनी कोयला आवश्यकता का 100 प्रतिशत लिंकेज ईंधन से प्राप्त होता है जबकि ओडिशा स्थित झारसुगुडा ताप विद्युत संयंत्र को एमसीएल से अपनी कोयला आवश्यकता का 100 प्रतिशत लिंकेज ईंधन से प्राप्त होता है।

कंपनी अपने संयंत्रों में ईंधन स्रोतों के विविधीकरण पर ध्यान दे रही है। वेदांता पावर आंध्रप्रदेश स्थित मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड में संयंत्र को पूर्व में इस्तेमाल किए जा रहे आयातित कोयले पर आधारित ईंधन व्यवस्था से घरेलू कोयले की ओर स्थानांतरित कर रही है। इसका उद्देश्य ईंधन सुरक्षा को मजबूत करना, आयात पर निर्भरता कम करना और वैश्विक ईंधन बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को सीमित करना है।

 

इस अवसर पर वेदांता पावर लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा किसी भी देश की आर्थिक स्वायत्तता और दीर्घकालिक विकास का आधार है। विकसित भारत के निर्माण के लिए विश्वसनीय और सुलभ बिजली आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। वेदांता पावर में हम घरेलू ईंधन आपूर्ति को मजबूत करने, निर्बाध बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने और अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के माध्यम से इस राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत की बिजली की आवश्यकताएं बढ़ने के साथ ही हमारा मानना है कि स्वच्छ और नई ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के साथ विश्वसनीय ताप विद्युत देश की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा। हमारा लक्ष्य मजबूत और विविधीकृत बिजली उत्पादन पोर्टफोलियो विकसित करना है जिससे आने वाले दशकों में वेदांता पावर भारत की विकास यात्रा को मजबूती दे और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान कर सके।”

वेदांता पावर सक्ती थर्मल प्लांट के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा, “हमारा मानना है कि भारत की चहुंमुखी प्रगति के लिए विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति महत्वपूर्ण है। सक्ती थर्मल प्लांट में हम सुरक्षा, विश्वास और कामकाज के उच्चस्तरीय मापदंड बनाए रखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। बिजली उत्पादन के क्षेत्र में विस्तार के साथ हम भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में योगदान के लिए कटिबद्ध हैं।”

 

वेदांता पावर का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2033 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 12 गीगावाॅट करना है। इस विस्तार के माध्यम से कंपनी देश के शीर्ष तीन ताप विद्युत उत्पादकों में शामिल होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। भारत में आधारभूत बिजली की मांग और चैबीस घंटे विश्वसनीय बिजली की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है ऐसे में ताप विद्युत की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

इसके साथ ही कंपनी अपनी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के तहत परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में अवसरों का आंकलन कर रही है। वेदांता पावर का मानना है कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक होगा, जिसमें विश्वसनीय पारंपरिक बिजली उत्पादन के साथ स्वच्छ, आधुनिक और लचीले ऊर्जा स्रोतों का समावेश हो। विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा जैसे स्रोत, जो चैबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली उपलब्ध करा सकते हैं, देश को कम-कार्बन ऊर्जा व्यवस्था की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

भारत की अर्थव्यवस्था के विस्तार और बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि के बीच वेदांता पावर विश्वसनीय एवं निर्बाध बिजली उत्पादन, घरेलू ईंधन की स्थिर उपलब्धता और देश की बिजली अधोसंरचना में दीर्घकालिक निवेश के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है। कंपनी के इन प्रयासों का उद्देश्य बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ देश के सतत आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता में योगदान देना है।