खाने-पीने में कुछ गलतियों के कारण अक्सर पेट में जकड़न और सूजन की परेशानी महसूस होती है। इस समस्या को ब्लोटिंग के नाम से जाना जाता है। पेट फूलना एक आम समस्या है, जिसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। आमतौर पर ब्लोटिंग और सूजन गैस आंत के बैक्टीरिया, अल्सर, कब्ज और संक्रमण के कारण हो सकती है। ब्लोटिंग की समस्या से निजात पाने के लिए लंबे समय से हर्बल टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में अगर आप भी पेट फूलने की समस्या से जूझ रहे हैं तो हम आपके लिए कुछ बेहतरीन विकल्प लेकर आए हैं, जिनका सेवन करने से आप सूजन और दर्द से राहत पा सकते हैं।(healthy health herbal tea)

 

Healthline.com के मुताबिक, ताजा पुदीना ठंडक देने वाला होता है, जो पाचन संबंधी कई समस्याओं में फायदेमंद साबित हो सकता है। पुदीना स्वाद में फ्लेवरफुल होने के साथ-साथ ब्लोटिंग से निजात दिलाने में मददगार है। पुदीना में फ्लेवोनॉयड्स होते हैं, जो सूजन, सूजन और दर्द में बहुत फायदेमंद होते हैं।(healthy health herbal tea)

 

पेपरमिंट टी बनाने के विधि – एक कप पानी में एक चम्मच सुखा पुदीना और टी बैग डालकर अच्छे से पकाएं और छानकर सेवन करें. इसके अलावा आप मार्केट से पेपरमिंट टी बैग भी खरीद सकते हैं.(healthy health herbal tea)

 

 

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अदरक की चाय(jinger tea) : अदरक एक ऐसी औषधि है, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से बेहतर पाचन के लिए किया जाता रहा है। अदरक में मौजूद जिंजरोल पेट से जुड़ी सभी समस्याओं, ब्लोटिंग और गैस से राहत दिलाने में मददगार होता है। ब्लोटिंग की समस्या में अदरक की चाय बहुत फायदेमंद होती है।(healthy health herbal tea)

 

जिंजर टी बनाने की विधि – एक कप पानी में टी बैग के साथ जिंजर पाउडर या ताजे अदरक के टुकड़े डालकर अच्छे से उबाल लें. जिंजर टी काफी मसालेदार होती है. इसका सेवन शहद के साथ भी कर सकते हैं.(healthy health herbal tea)

 

 

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सौंफ वाली चाय (Fennel tea) : सौंफ यानी सौंफ का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन संबंधी विकारों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। सौंफ की चाय सूजन, पेट दर्द, सूजन, गैस और कब्ज से राहत दिलाने के लिए एक प्रभावी उपाय है।

 

फेनेल टी बनाने की विधि – एक कप गर्म पानी में टी बैग के साथ दो चम्मच सौंफ डालकर अच्छे से उबाल लें और छानकर सेवन करें

 

 

 

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कैमोमाइल टी (chamomile) : कैमोमाइल के फूल कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। कैमोमाइल के फूलों में फ्लेवोनॉयड्स के साथ-साथ कई गुणकारी तत्व होते हैं, जिनका सेवन करने से पेट फूलना, अपच, उल्टी-दस्त और अल्सर जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

कैमोमाइल टी बनाने की विधि – एक कप पानी में टी बैग और सूखे हुए कैमोमाइल को एक साथ उबालकर सेवन करें.

 

 

 

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वर्मवुड टी wormwood : वर्मवुड एक हरी पत्तेदार जड़ी बूटी है जिसका उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए किया जाता है। वर्मवुड चाय का स्वाद कड़वा होता है इसलिए इसका सेवन नींबू और शहद के साथ किया जा सकता है। वर्मवुड चाय सूजन और सूजन के लिए एक प्राकृतिक उपचार है।

 

वर्मवुड टी बनाने की विधि – एक कप पानी में लगभग 2 छोटे चम्मच सूखे हर्ब को भिगोकर अच्छे से उबाल लें और छानकर सेवन करें.

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